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साइबर फ्रॉड शिकायत भारत — पहले कदम
OTP स्कैम, यूPI धोखाधड़ी या अकाउंट हैक के बाद बैंक, रिपोर्टिंग और सुरक्षित प्रश्न कैसे पूछें — शैक्षिक परिचय।
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सीधा जवाब
अगर ऑनलाइन ठगी में पैसा गया है तो तुरंत 1930 (राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन) पर कॉल करें। पहला घंटा सबसे अहम है, क्योंकि वही पैसा रोका जा सकता है जो अभी ठगों के खातों में है। फिर cybercrime.gov.in पर शिकायत करें और पावती (acknowledgement) नंबर सँभालें। बैंक को भी लिखित सूचना दें: RBI नियमों के अनुसार गलती न आपकी हो न बैंक की और आप 3 कार्य-दिवस में बता दें, तो आपकी देनदारी शून्य है, और बैंक को 10 कार्य-दिवस में रकम खाते में जमा करनी चाहिए। रोका गया पैसा आमतौर पर पुलिस और कोर्ट या लोक अदालत के आदेश से ही वापस आता है; यह अपने-आप नहीं होता और कोई भी वापसी का वादा नहीं कर सकता। पैसा 'वापस दिलाने' के नाम पर फ़ीस माँगने वाले को कभी पैसे न दें।
टीम अधिवक्ता · अपडेट 2026-10-27
ठगी हुई? अब क्या करें — 3 सवाल
क्या पैसा पिछले 24 घंटे में गया है?
साइबर फ्रॉड शिकायत — क्रम से
तुरंत 1930 पर कॉल करें
रकम, तारीख़ और समय, अपना बैंक, ट्रांज़ैक्शन ID / UTR और ठग की UPI ID, खाता या फ़ोन नंबर बताएँ। शिकायत नंबर ज़रूर लें।
cybercrime.gov.in पर शिकायत करें
वित्तीय धोखाधड़ी चुनें, हर ट्रांज़ैक्शन भरें और स्क्रीनशॉट अपलोड करें। पावती नंबर सँभालें; पुलिस और बैंक इसे माँगेंगे।
बैंक को लिखित सूचना दें
बैंक की फ्रॉड हेल्पलाइन, ऐप या ईमेल से बताएँ और कार्ड या UPI ब्लॉक कराएँ। शून्य देनदारी के लिए 3 कार्य-दिवस में बताएँ और बैंक का शिकायत नंबर रखें।
अपने खाते सुरक्षित करें
सुरक्षित फ़ोन से UPI PIN और पासवर्ड बदलें, स्क्रीन-शेयरिंग ऐप हटाएँ, और सिम बंद हो गई हो तो मोबाइल कंपनी से संपर्क करें।
हर सबूत सँभालें
स्क्रीनशॉट, SMS, कॉल लॉग, चैट, लिंक और बैंक स्टेटमेंट। सब सेव करने से पहले चैट न मिटाएँ और नंबर ब्लॉक न करें।
साइबर पुलिस से फ़ॉलो-अप
साइबर सेल या थाने से पूछें कि FIR दर्ज हुई या नहीं और कितना पैसा रोका गया है। आप ख़ुद भी FIR या ई-FIR कर सकते हैं।
रोके गए पैसे की वापसी के लिए आवेदन
रोका गया पैसा आमतौर पर पुलिस रिपोर्ट के बाद मजिस्ट्रेट के आदेश (BNSS धारा 503, पुरानी CrPC धारा 457) या लोक अदालत से वापस मिलता है। हर दस्तावेज़ की प्रति रखें।
ज़रूरी दस्तावेज़
- हर भुगतान की ट्रांज़ैक्शन ID / UTR, तारीख़, समय और रकम
- डेबिट दिखाने वाला बैंक स्टेटमेंट या पासबुक पन्ना
- चैट, कॉल, SMS, लिंक और ठग की प्रोफ़ाइल के स्क्रीनशॉट
- ठग की UPI ID, खाता नंबर या फ़ोन नंबर
- 1930 शिकायत नंबर और cybercrime.gov.in की पावती
- आपका पहचान पत्र और बैंक का शिकायत नंबर
ख़र्च और समय
- शिकायत का ख़र्च
- कुछ नहीं। 1930, cybercrime.gov.in और FIR सब मुफ़्त हैं
- कब बताएँ
- तुरंत; पहले घंटे में पैसा रुकने की सबसे ज़्यादा संभावना
- बैंक: शून्य देनदारी
- 3 कार्य-दिवस में बताएँ, जब गलती न आपकी हो न बैंक की (RBI, 2017)
- बैंक: 4–7 कार्य-दिवस
- सीमित देनदारी, खाते के प्रकार के अनुसार प्रति ट्रांज़ैक्शन ₹5,000 से ₹25,000
- बैंक का क्रेडिट और फ़ैसला
- 10 कार्य-दिवस में रकम जमा; 90 दिन में शिकायत का फ़ैसला
- रोके गए पैसे की वापसी
- अक्सर हफ़्तों से महीनों तक; पुलिस रिपोर्ट और कोर्ट या लोक अदालत का आदेश चाहिए
कानून और स्रोत
- राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और 1930 — साइबर अपराध और ऑनलाइन वित्तीय ठगी की शिकायत का सरकारी पोर्टल और हेल्पलाइन।
- RBI परिपत्र, 6 जुलाई 2017 (ग्राहक देनदारी) — तीसरे पक्ष की ठगी में 3 कार्य-दिवस में सूचना पर शून्य देनदारी; 10 कार्य-दिवस में क्रेडिट; 90 दिन में निपटारा; साबित करने का भार बैंक पर।
- IT एक्ट 2000, धारा 66C और 66D — पहचान की चोरी, और कंप्यूटर या फ़ोन से रूप बदलकर धोखाधड़ी।
- BNS 2023, धारा 318 और 319 — धोखाधड़ी, और रूप बदलकर धोखाधड़ी (पुरानी IPC धारा 420 और 419)।
- BNSS 2023, धारा 497 और 503 — ज़ब्त या रोकी गई संपत्ति की अभिरक्षा और वापसी के कोर्ट आदेश, जिनसे रोका गया पैसा लौटाया जाता है।
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पैसे और अकाउंट सुरक्षित करें
बैंक/UPI सपोर्ट कॉल करें, कार्ड फ्रीज करें यदि ज़रूरी हो, सुरक्षित डिवाइस से पासवर्ड बदलें, ट्रांज़ैक्शन ID और स्क्रीनशॉट रखें।
रिपोर्टिंग
राष्ट्रीय साइबरक्राइम पोर्टल और स्थानीय पुलिस शिकायत आम रास्ते हैं। रिपोर्ट नंबर की प्रति रखें। राज्य/मामले के अनुसार कदम भिन्न हो सकते हैं।
OTP कभी न बाँटें
किसी वेबसाइट या चैट में OTP, पासवर्ड या पूरा कार्ड नंबर न डालें — अधिवक्ता फ़ॉर्म सहित।
सामान्य मार्गदर्शन
खाते सुरक्षित करने के बाद Ask पर घटना लिखें। सुविधा मात्र — रिफ़ंड या गिरफ़्तारी की गारंटी नहीं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- ऑनलाइन ठगी की शिकायत कितनी जल्दी करें?
- तुरंत। हो सके तो पहले घंटे में 1930 पर कॉल करें, फिर cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। ठग पैसा जल्दी कई खातों में घुमाते हैं, और वही पैसा रुक सकता है जो अभी वहाँ है।
- क्या पैसा पक्का वापस मिलेगा?
- कोई इसका वादा नहीं कर सकता। जल्दी शिकायत करने और पैसा रुक जाने पर संभावना बेहतर होती है। अलग से, बिना अनुमति हुए ट्रांज़ैक्शन पर बैंक को RBI के देनदारी नियम मानने होते हैं।
- बैंक कहता है मैंने OTP बताया, क्या सब डूब गया?
- RBI परिपत्र के अनुसार, अगर नुकसान आपके OTP या पासवर्ड बताने से हुआ, तो सूचना देने तक का नुकसान आपका है; सूचना के बाद का नुकसान बैंक का। आपकी लापरवाही बैंक को साबित करनी होगी। फिर भी 1930 पर शिकायत करें, क्योंकि रोका गया पैसा पुलिस और कोर्ट से लौट सकता है।
- कोई फ़ीस लेकर पैसा वापस दिलाने को कह रहा है, क्या यह सही है?
- लगभग हमेशा यह दूसरी ठगी होती है। पुलिस, 1930 और बैंक पैसा लौटाने की कोई फ़ीस नहीं लेते। पैसे न दें, और उस नंबर की शिकायत cybercrime.gov.in पर करें।
- क्या FIR भी करनी होगी?
- पोर्टल की शिकायत पुलिस को जाती है, जो FIR दर्ज कर सकती है। बड़ी रकम हो या पुलिस कहे, तो ख़ुद FIR या ई-FIR करें और कॉपी रखें; इससे बैंक विवाद और पैसे की वापसी में मदद मिलती है।
- बैंक जवाब न दे तो क्या करें?
- अगर बैंक 30 दिन में हल न करे या जवाब से संतुष्ट न हों, तो cms.rbi.org.in पर RBI लोकपाल को शिकायत करें। यह मुफ़्त है।
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