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कंपनी फ़ुल एंड फ़ाइनल सेटलमेंट नहीं दे रही या रिलीविंग / एक्सपीरियंस लेटर रोक रही है? भारत में आपके अधिकार — कोड ऑन वेजेज़, 2019 (21 नवंबर 2025 से लागू) की धारा 17(2) के तहत इस्तीफ़े या बर्ख़ास्तगी के दो कार्य दिवस में वेतन, वैध कटौतियाँ, छुट्टी नकदीकरण, ग्रेच्युटी, नोटिस पीरियड और बॉन्ड विवाद (विजया बैंक 2025, बॉम्बे हाई कोर्ट 2026), मूल दस्तावेज़, PF एग्ज़िट, और तीन साल के भीतर श्रम प्राधिकारी के सामने दावा (2026)
उन कर्मचारियों के लिए क्रमवार गाइड जिन्होंने इस्तीफ़ा दिया है, जिन्हें निकाला गया या छँटनी हुई, और जो फ़ुल एंड फ़ाइनल (F&F) सेटलमेंट, रिलीविंग लेटर या एक्सपीरियंस सर्टिफ़िकेट का इंतज़ार कर रहे हैं: अंतिम वेतन की समय-सीमा पर नए श्रम कोड क्या कहते हैं, कौन-सी रकम ‘वेतन’ है और किसकी अपनी समय-सीमा है (ग्रेच्युटी, छुट्टी नकदीकरण), कौन-सी कटौतियाँ मान्य हैं, नोटिस पीरियड की कमी और ट्रेनिंग बॉन्ड का क्या असर है, मूल प्रमाण पत्र रोके जाएँ तो क्या करें, PF एग्ज़िट ख़ुद कैसे मार्क करें, और माँग पत्र व दावा कैसे भेजें। केवल शैक्षिक — कानूनी सलाह नहीं। अधिवक्ता नियोक्ताओं से संपर्क नहीं करता और दावे दाखिल नहीं करता।
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नया नियम: अंतिम वेतन दो कार्य दिवस में
कोड ऑन वेजेज़, 2019 (वेतन संहिता) बाक़ी तीन श्रम संहिताओं के साथ 21 नवंबर 2025 से लागू है, और इसने वेतन भुगतान अधिनियम, 1936 और संबंधित क़ानूनों की जगह ली है। धारा 17(2) कहती है कि जहाँ कर्मचारी को हटाया या बर्ख़ास्त किया गया, छँटनी हुई, उसने इस्तीफ़ा दिया, या प्रतिष्ठान बंद होने से वह बेरोज़गार हुआ, वहाँ देय वेतन हटाने, बर्ख़ास्तगी, छँटनी या इस्तीफ़े के दो कार्य दिवस के भीतर देना होगा। श्रम मंत्रालय के FAQ (मार्च 2026) पुष्टि करते हैं कि संहिता के समय पर भुगतान के प्रावधान सभी कर्मचारियों पर लागू हैं, पुराने अधिनियम की तरह केवल एक वेतन सीमा से नीचे के कर्मचारियों पर नहीं। उपयुक्त सरकार कुछ परिस्थितियों में अलग समय-सीमा तय कर सकती है (धारा 17(3)), और अन्य क़ानूनों की समय-सीमाएँ प्रभावित नहीं होतीं (धारा 17(4))।
‘फ़ुल एंड फ़ाइनल’ में क्या होता है — और किसकी अपनी समय-सीमा है
F&F कंपनी की शब्दावली है, कोई एक क़ानूनी श्रेणी नहीं। इसमें आम तौर पर आख़िरी दिन तक का बकाया वेतन, आनुपातिक भत्ते, छुट्टी नकदीकरण, प्रतिपूर्ति, शर्तों के अनुसार देय बोनस या इंसेंटिव, और ग्रेच्युटी होती है, वैध वसूली घटाकर। वेतन संहिता की धारा 2(y) के तहत ‘वेतन’ में कुछ चीज़ें शामिल नहीं — सेवा समाप्ति पर ग्रेच्युटी उनमें एक है, और मंत्रालय के FAQ कहते हैं कि वार्षिक प्रदर्शन इंसेंटिव वेतन नहीं है। ग्रेच्युटी अब सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 53 में है (सामान्यतः पाँच साल की लगातार सेवा के बाद; निश्चित अवधि के कर्मचारियों को एक साल बाद) और उसकी दावे व भुगतान की अपनी समय-सीमा है (ग्रेच्युटी गाइड देखें)। OSH&WC संहिता के तहत ‘कामगार’ (₹18,000 प्रति माह तक वेतन वाले पर्यवेक्षक और सेल्स प्रमोशन कर्मचारी सहित) अलग होने पर अपनी जमा छुट्टियों का नकदीकरण पा सकते हैं; अन्य के लिए छुट्टी नकदीकरण नियुक्ति पत्र, नीति या राज्य के दुकान एवं स्थापना क़ानून पर निर्भर है।
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कटौतियाँ और वसूली
वेतन संहिता की धारा 18 संहिता द्वारा अधिकृत कटौतियों के अलावा वेतन से कोई कटौती नहीं होने देती (जैसे आयकर, PF, अग्रिम और ऋण, और कर्मचारी की लापरवाही से हुआ नुकसान — हर एक शर्तों और कुल सीमा के अधीन)। कंपनियाँ अक्सर कहती हैं कि लैपटॉप, ID कार्ड या अन्य सामान लौटने या ‘नो ड्यूज़’ पर साइन होने तक F&F रोकेंगी। कंपनी का सामान तुरंत लौटाएँ और लिखित पावती लें — इससे देरी का सबसे आम कारण हट जाता है। नोटिस पीरियड की कमी या बॉन्ड की रकम को आपके बकाये में समायोजित किया जा सकता है या नहीं, यह आपके अनुबंध और तथ्यों पर निर्भर है और अक्सर विवादित होता है; हर कटौती दिखाने वाली लिखित गणना माँगें।
नोटिस पीरियड, गार्डन लीव और बायआउट
नियुक्ति पत्र में आम तौर पर लिखा होता है कि कितना नोटिस देना है और क्या कंपनी नोटिस के बदले वेतन स्वीकार कर सकती है। अगर आप नोटिस पूरा किए बिना जाते हैं, तो कंपनी अनुबंध के तहत नोटिस वेतन को हर्जाने के रूप में माँग सकती है, पर जो क़ानूनन देय है वह फिर भी देना होगा। अगर कंपनी नोटिस पीरियड में काम बंद करने को कहे (गार्डन लीव), तो सामान्यतः उसका वेतन मिलता है। इस्तीफ़े का ईमेल, स्वीकृति (अगर हो) और आख़िरी कार्य दिवस लिखित में रखें — धारा 17(2) की दो कार्य दिवस की घड़ी इस्तीफ़ा या बर्ख़ास्तगी प्रभावी होने से चलती है, और विवाद अक्सर इसी तारीख़ पर टिकते हैं।
ट्रेनिंग बॉन्ड और न्यूनतम सेवा की शर्तें
विजया बैंक बनाम प्रशांत बी. नारनवरे (14 मई 2025) में सुप्रीम कोर्ट ने उस शर्त को सही माना जिसमें बैंक अधिकारी को तीन साल सेवा करनी थी या ₹2 लाख परिनिर्धारित हर्जाना देना था; कोर्ट ने कहा कि नौकरी के दौरान लागू प्रतिबंध अनुबंध अधिनियम की धारा 27 के तहत व्यापार पर रोक नहीं है, और तथ्यों पर शर्त उचित थी। धारा 27 के तहत नौकरी के बाद की ज़्यादातर नॉन-कम्पीट पाबंदियाँ अब भी लागू नहीं कराई जा सकतीं। धारा 73–74 के तहत हर्जाना उचित होना चाहिए। भारत एविएशन (प्रा.) लि. बनाम राहुल सुधींद्र सोनी (5 मई 2026) में बॉम्बे हाई कोर्ट ने उस अंतरिम आदेश को रद्द किया जिसमें वैध तीन-वर्षीय बॉन्ड तोड़कर इस्तीफ़ा देने वाले प्रशिक्षित तकनीशियन को रिलीविंग लेटर देने को कहा गया था, यह कहते हुए कि रिलीविंग लेटर इस्तीफ़े की स्वीकृति के बाद आता है; अंतिम निर्णय इंडस्ट्रियल कोर्ट पर छोड़ा गया। आपका अपना बॉन्ड वैध और उचित है या नहीं, यह इस पर निर्भर है कि वह किस ट्रेनिंग या लागत के लिए है और कैसे लिखा गया है।
रिलीविंग लेटर और एक्सपीरियंस सर्टिफ़िकेट
कोई एक केंद्रीय क़ानून हर नौकरी में रिलीविंग लेटर की गारंटी नहीं देता, पर कई औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर लागू स्थायी आदेश (स्टैंडिंग ऑर्डर) और कुछ राज्य क़ानून सेवा प्रमाण पत्र का प्रावधान करते हैं, और ज़्यादातर कंपनियाँ नीति व अनुबंध के तहत यह देती हैं। इस्तीफ़े की तारीख़, स्वीकृति, हैंडओवर और सामान लौटाने का उल्लेख करते हुए लिखित में माँगें। मना हो, तो कारण लिखित में माँगें। नई कंपनी अक्सर इस्तीफ़ा स्वीकृति ईमेल, सैलरी स्लिप, फ़ॉर्म 16 और PF सेवा इतिहास को नौकरी के वैकल्पिक सबूत के रूप में मान लेती है। रिलीविंग लेटर जाली न बनाएँ या ख़ुद न बनाएँ — यह आपराधिक अपराध हो सकता है।
मूल प्रमाण पत्र और दस्तावेज़
कंपनियाँ कभी-कभी जॉइनिंग पर डिग्री या स्कूल के मूल प्रमाण पत्र रख लेती हैं। ये आपके हैं। कई हाई कोर्ट ने कहा है कि संस्थान और नियोक्ता बकाये की ज़मानत के रूप में मूल शैक्षिक प्रमाण पत्र नहीं रख सकते, और उन्हें लौटाने के निर्देश दिए हैं। सूची के साथ लिखित में वापस माँगें; न लौटें तो क़ानूनी नोटिस, और तथ्यों के अनुसार पुलिस शिकायत या अदालत में आवेदन पर विचार किया जा सकता है।
PF, फ़ॉर्म 16 और बाक़ी एग्ज़िट काग़ज़ात
अगर कंपनी EPFO रिकॉर्ड में आपकी एग्ज़िट तारीख़ नहीं डालती, तो आप आम तौर पर आख़िरी अंशदान के दो महीने बाद EPFO यूनिफ़ाइड मेंबर पोर्टल (Manage → Mark Exit) पर आधार-लिंक्ड मोबाइल के OTP से यह ख़ुद कर सकते हैं। इससे आप PF ट्रांसफ़र या निकाल सकते हैं (EPF निकासी गाइड देखें)। टैक्स वर्ष का फ़ॉर्म 16 और अंतिम सैलरी स्लिप माँगें। काटा गया TDS जमा हुआ है या नहीं, फ़ॉर्म 26AS / AIS में जाँचें।
दावा कैसे करें: माँग पत्र, श्रम प्राधिकारी, अन्य रास्ते
(1) HR और रिपोर्टिंग मैनेजर को तारीख़ वाला लिखित माँग पत्र भेजें जिसमें हर देय रकम, आख़िरी कार्य दिवस और चाहिए दस्तावेज़ लिखे हों, और डिलीवरी का सबूत रखें। (2) भुगतान न हो, तो क़ानूनी नोटिस भेजा जा सकता है (क़ानूनी नोटिस गाइड देखें)। (3) वेतन संहिता की धारा 45 के तहत बकाया वेतन या अवैध कटौती का दावा उपयुक्त सरकार द्वारा नियुक्त प्राधिकारी के सामने — कर्मचारी, पंजीकृत ट्रेड यूनियन या इंस्पेक्टर-कम-फ़ैसिलिटेटर द्वारा — दावा उत्पन्न होने के तीन साल के भीतर दाखिल हो सकता है; पर्याप्त कारण होने पर प्राधिकारी देर से आया दावा भी ले सकता है। सही प्राधिकारी और फ़ॉर्म के लिए अपने राज्य के श्रम विभाग या, केंद्रीय क्षेत्र के प्रतिष्ठानों के लिए, मुख्य श्रम आयुक्त के कार्यालय से संपर्क करें। (4) ‘वेतन’ से बाहर के अनुबंधित बकाये के लिए सिविल मुक़दमा ज़रूरी हो सकता है; ग्रेच्युटी के लिए ग्रेच्युटी वाला रास्ता अपनाएँ।
काम आने वाले रिकॉर्ड
ऑफ़र / नियुक्ति पत्र और कोई बॉन्ड, छुट्टी और नोटिस की नीतियाँ, पिछले महीनों की सैलरी स्लिप और बैंक स्टेटमेंट, इस्तीफ़ा और स्वीकृति के ईमेल, हैंडओवर और सामान लौटाने की पावतियाँ, उपस्थिति रिकॉर्ड, F&F गणना (अगर दी गई), और सभी फ़ॉलो-अप संदेश। तारीख़ों के साथ एक छोटी समय-रेखा लिखें।
यह गाइड क्या नहीं है
यह आपका बकाया नहीं गिनती, यह तय नहीं करती कि कोई कटौती या बॉन्ड वैध है, और न ही बताती है कि प्राधिकारी या अदालत क्या करेगी। श्रम संहिताओं के तहत केंद्र और राज्य के नियम अभी अधिसूचित हो रहे हैं और बदल सकते हैं — अपने राज्य और प्रतिष्ठान के नवीनतम नियम देखें।
अधिवक्ता कैसे मदद कर सकता है
हम नियोक्ताओं या HR से संपर्क नहीं करते, सेटलमेंट की गणना नहीं करते, और दावे या नोटिस दाखिल नहीं करते। अधिवक्ता एक सुविधा प्लेटफ़ॉर्म है, लॉ फर्म नहीं। हम केस दाखिल नहीं करते, किसी प्राधिकरण के सामने उपस्थित नहीं होते, और किसी परिणाम का वादा नहीं करते। स्वतंत्र अधिवक्ता से सामान्य मार्गदर्शन के लिए ‘अधिवक्ता से पूछें’ का उपयोग करें, या तथ्यों और कागज़ात व्यवस्थित करने के लिए AI सहायक से शुरू करें। केवल शैक्षिक — औपचारिक कानूनी सलाह नहीं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- कंपनी को फ़ुल एंड फ़ाइनल सेटलमेंट कितने दिन में देना होता है?
- कोड ऑन वेजेज़, 2019 (21 नवंबर 2025 से लागू) की धारा 17(2) के तहत इस्तीफ़ा, हटाने, बर्ख़ास्तगी, छँटनी या प्रतिष्ठान बंद होने पर देय वेतन दो कार्य दिवस में देना होता है। ग्रेच्युटी और कुछ अन्य मदों की अपनी समय-सीमा है।
- क्या दो दिन का नियम मैनेजर और IT कर्मचारियों पर भी लागू है?
- श्रम मंत्रालय के FAQ (मार्च 2026) कहते हैं कि संहिता के समय पर भुगतान के प्रावधान सभी कर्मचारियों पर लागू हैं, पुराने वेतन भुगतान अधिनियम के विपरीत जिसमें वेतन सीमा थी।
- क्या कंपनी रिलीविंग लेटर देने से मना कर सकती है?
- कोई एक केंद्रीय क़ानून हर नौकरी में इसकी गारंटी नहीं देता, पर कई स्थायी आदेश और कंपनी नीतियाँ सेवा प्रमाण पत्र का प्रावधान करती हैं। 2026 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि रिलीविंग लेटर इस्तीफ़े की स्वीकृति के बाद आता है, और वैध बॉन्ड तोड़ने वाले कर्मचारी के पक्ष का अंतरिम आदेश रद्द किया। लिखित में माँगें और सैलरी स्लिप, PF इतिहास व स्वीकृति ईमेल को वैकल्पिक सबूत के रूप में रखें।
- क्या भारत में सर्विस बॉन्ड क़ानूनी रूप से वैध है?
- हो सकता है। विजया बैंक बनाम प्रशांत बी. नारनवरे (2025) में सुप्रीम कोर्ट ने ₹2 लाख परिनिर्धारित हर्जाने वाली तीन साल की न्यूनतम सेवा शर्त को उचित माना। नौकरी के बाद के नॉन-कम्पीट ज़्यादातर अनुबंध अधिनियम की धारा 27 के तहत शून्य हैं, और हर्जाना उचित होना चाहिए।
- फ़ुल एंड फ़ाइनल बकाये की शिकायत कहाँ करें?
- वेतन संहिता की धारा 45 के तहत उपयुक्त सरकार द्वारा नियुक्त प्राधिकारी के सामने, दावा उत्पन्न होने के तीन साल के भीतर (पर्याप्त कारण पर देर से दावा भी लिया जा सकता है)। सही प्राधिकारी के बारे में राज्य का श्रम विभाग या मुख्य श्रम आयुक्त का कार्यालय बता सकता है।
- कंपनी ने मेरा PF एग्ज़िट मार्क नहीं किया। क्या करूँ?
- EPFO यूनिफ़ाइड मेंबर पोर्टल पर आप आम तौर पर आख़िरी अंशदान के दो महीने बाद आधार-लिंक्ड मोबाइल के OTP से एग्ज़िट तारीख़ ख़ुद मार्क कर सकते हैं (Manage → Mark Exit)।
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