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अपराध के पीड़ित हैं? सरकार से मुआवज़ा कैसे लें — पीड़ित प्रतिकर योजना (BNSS धारा 396, पुरानी CrPC 357A), DLSA में आवेदन, अंतरिम राहत, हर अस्पताल में मुफ़्त इलाज (धारा 397), महिला पीड़ितों के लिए NALSA योजना की राशि, 3 साल की समय-सीमा (2026)
अपराध के पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए — मारपीट, यौन अपराध, एसिड हमला, हत्या, मानव तस्करी और अन्य अपराध — ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के ज़रिए राज्य पीड़ित प्रतिकर कोष से मुआवज़ा पाने की आसान, चरण-दर-चरण गाइड: कौन आवेदन कर सकता है, कब (आरोपी पकड़ा न जाए या बरी हो जाए तब भी), कौन से काग़ज़ चाहिए, अंतरिम राहत, महिला पीड़ितों के लिए NALSA योजना, मुफ़्त इलाज, और अपील। केवल शैक्षिक जानकारी — कानूनी सलाह नहीं। अधिवक्ता आपके लिए आवेदन दाखिल नहीं करता और DLSA, पुलिस या अदालत से संपर्क नहीं करता।
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पीड़ित प्रतिकर (मुआवज़ा) क्या है?
हर राज्य सरकार को, केंद्र सरकार के साथ मिलकर, पीड़ित प्रतिकर योजना चलानी होती है, जिससे अपराध के उन पीड़ितों या उनके आश्रितों को भुगतान होता है जिन्हें नुक़सान या चोट हुई है और जिन्हें पुनर्वास की ज़रूरत है (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 धारा 396, पहले CrPC धारा 357A)। पैसा राज्य के कोष से आता है, आरोपी से नहीं, और इसे ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) या राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (SLSA) तय करता है। यह उस मुआवज़े से अलग और उसके अतिरिक्त है जो अदालत दोषी से दिलवाती है (BNSS धारा 395, पुरानी CrPC 357), और BNS धारा 65, 70 और 124(1) में पीड़ित को मिलने वाले जुर्माने के अतिरिक्त है।
यह कब मिल सकता है?
तीन रास्ते हैं। (1) मुक़दमे के अंत में अदालत मुआवज़े की सिफ़ारिश करे — आरोपी बरी या उन्मोचित हो जाए तब भी, अगर पीड़ित को पुनर्वास चाहिए (धारा 396(3))। (2) अपराधी का पता न चले या पहचान न हो पर पीड़ित की पहचान हो, और मुक़दमा न चले, तो पीड़ित या आश्रित सीधे DLSA या SLSA में आवेदन कर सकते हैं (धारा 396(4))। (3) अंतरिम राहत: थाना प्रभारी या मजिस्ट्रेट के प्रमाण पत्र पर DLSA या SLSA तुरंत प्राथमिक उपचार, मुफ़्त चिकित्सा या अन्य अंतरिम राहत का आदेश दे सकता है (धारा 396(6))। सिफ़ारिश या आवेदन मिलने के दो महीने में DLSA को जाँच पूरी करके मुआवज़ा देना होता है (धारा 396(5))।
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आवेदन कैसे करें — ये काग़ज़ तैयार रखें
ज़िला न्यायालय परिसर में DLSA कार्यालय में (या SLSA / उसके ऑनलाइन पोर्टल पर, जहाँ उपलब्ध हो) राज्य के तय फ़ॉर्म में आवेदन करें। आम तौर पर चाहिए: FIR या अदालत द्वारा संज्ञान ली गई आपराधिक शिकायत, मेडिकल / चोट रिपोर्ट (MLC), मृत्यु के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मृत्यु प्रमाण पत्र, अस्पताल के बिल, पहचान और बैंक खाते का सबूत, आश्रित होने का सबूत (परिवार के लिए), और मुक़दमा ख़त्म हो गया हो तो अदालत का फ़ैसला या सिफ़ारिश। ख़र्च, खोई आमदनी और छूटी पढ़ाई का ब्योरा लिखें। आप थाना प्रभारी या लोक अभियोजक से भी मामला DLSA को भेजने, और ट्रायल कोर्ट से मुआवज़े की सिफ़ारिश करने को कह सकते हैं।
महिला और बच्ची पीड़ित — NALSA योजना की राशि
यौन हमले, एसिड हमले और कुछ अन्य अपराधों की शिकार महिलाओं के लिए NALSA की ‘महिला पीड़ितों / यौन हमले / अन्य अपराधों की उत्तरजीवियों के लिए प्रतिकर योजना, 2018’ लागू है (निपुण सक्सेना बनाम भारत संघ, 2018 में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों से अपनाई गई)। इसमें आवेदन मिलते ही ₹5,000, या ज़रूरत हो तो ₹10,000 तक तुरंत; एसिड हमले में 15 दिन में ₹1 लाख और दो महीने में ₹2 लाख और। इसकी अनुसूची में राशि की सीमाएँ हैं, जैसे मृत्यु या सामूहिक बलात्कार में ₹5–10 लाख, बलात्कार में ₹4–7 लाख, और चेहरा बिगाड़ने वाले एसिड हमले में ₹7–8 लाख। आम तौर पर अंतिम राशि का 75% कम से कम तीन साल के लिए FD में रहता है (नाबालिग के लिए 80%, बालिग होने तक)। POCSO में बच्चों का मुआवज़ा POCSO विशेष न्यायालय तय करता है (धारा 33(8) और POCSO नियम 9), और राज्य को आदेश के 30 दिन में भुगतान करना होता है। पुरुष, लड़के और अन्य पीड़ित अपने राज्य की योजना और अनुसूची में आते हैं — राशि राज्य-दर-राज्य अलग है।
हर अस्पताल में मुफ़्त इलाज (BNSS धारा 397)
हर अस्पताल — सरकारी हो या निजी — को बलात्कार और अन्य यौन अपराधों (BNS धारा 64 से 68, 70, 71), एसिड हमले (BNS धारा 124(1)) और POCSO अपराधों (धारा 4, 6, 8, 10) के पीड़ितों को तुरंत मुफ़्त प्राथमिक उपचार या इलाज देना होता है, और पुलिस को सूचना देनी होती है (BNSS धारा 397, पुरानी CrPC 357C)। अस्पताल मना नहीं कर सकता और पहले पैसे नहीं माँग सकता। किसी भी आपात स्थिति में 112 पर कॉल करें।
समय-सीमा, देरी और अपील
NALSA महिला पीड़ित योजना में दावा अपराध की तारीख़ या मुक़दमा ख़त्म होने से तीन साल के भीतर होना चाहिए; उचित मामलों में DLSA / SLSA देरी माफ़ कर सकता है। राज्य योजनाओं की अपनी समय-सीमा है — जितनी जल्दी हो सके आवेदन करें। दी गई राशि से संतुष्ट न हों तो NALSA योजना में 30 दिन के भीतर DLSA के अध्यक्ष के पास अपील होती है। आवेदन समय पर तय न हो तो लिखित अनुस्मारक दें, फ़ाइल की स्थिति पूछें, और DLSA से ही कानूनी सहायता लें (विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 12 में महिलाएँ, बच्चे, SC / ST, मानव तस्करी के शिकार और अन्य शामिल हैं)। अनुचित देरी पर बाद में हाई कोर्ट में रिट याचिका का विकल्प है।
ये ग़लतियाँ न करें
‘मुआवज़ा मंज़ूर करवाने’ का वादा करने वाले किसी दलाल को पैसे न दें — DLSA इसके लिए कोई फ़ीस नहीं लेता। किसी दूसरी योजना से मिला मुआवज़ा न छिपाएँ; उसे गिनती में लिया जाता है। अगर बाद में मामला झूठा पाया जाए तो प्राधिकरण पैसा वसूल सकता है। हर काग़ज़ की प्रति और DLSA की रसीद संख्या रखें।
अधिवक्ता कैसे मदद कर सकता है
हम मुआवज़े का आवेदन दाखिल नहीं करते, DLSA, पुलिस, अस्पताल या अदालत से संपर्क नहीं करते, और किसी राशि या परिणाम का वादा नहीं करते। अधिवक्ता एक सुविधा प्लेटफ़ॉर्म है, लॉ फर्म नहीं। हम केस दाखिल नहीं करते, किसी प्राधिकरण के सामने उपस्थित नहीं होते, और किसी परिणाम का वादा नहीं करते। स्वतंत्र अधिवक्ता से सामान्य मार्गदर्शन के लिए ‘अधिवक्ता से पूछें’ पर अपनी स्थिति लिखें, या तथ्यों और काग़ज़ों को व्यवस्थित करने के लिए AI सहायक से शुरू करें। केवल शैक्षिक जानकारी — औपचारिक कानूनी सलाह नहीं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- पीड़ित मुआवज़ा कौन देता है, और आवेदन कहाँ करें?
- यह राज्य पीड़ित प्रतिकर कोष से मिलता है। ज़िला न्यायालय परिसर में ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) या राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में BNSS धारा 396 (पुरानी CrPC 357A) के तहत आवेदन करें।
- आरोपी पकड़ा न जाए या बरी हो जाए तो भी मुआवज़ा मिल सकता है?
- हाँ। अपराधी का पता न चले पर पीड़ित की पहचान हो और मुक़दमा न चले, तो आप सीधे आवेदन कर सकते हैं (धारा 396(4))। मुक़दमा बरी या उन्मोचन पर ख़त्म हो, तब भी अदालत पुनर्वास के लिए मुआवज़े की सिफ़ारिश कर सकती है (धारा 396(3))।
- DLSA फ़ैसला करने में कितना समय लेता है?
- कानून कहता है कि आवेदन या अदालत की सिफ़ारिश मिलने के दो महीने में जाँच और मुआवज़ा पूरा होना चाहिए (धारा 396(5))। मुफ़्त चिकित्सा सहित अंतरिम राहत इससे पहले भी दी जा सकती है।
- बलात्कार या एसिड हमले की शिकार महिला को कितना मुआवज़ा मिलता है?
- महिला पीड़ितों के लिए NALSA योजना में बलात्कार में ₹4–7 लाख, सामूहिक बलात्कार या मृत्यु में ₹5–10 लाख, और चेहरा बिगाड़ने वाले एसिड हमले में ₹7–8 लाख की सीमा है; एसिड हमले की पीड़िता को 15 दिन में ₹1 लाख और दो महीने में ₹2 लाख और मिलते हैं। असल राशि तथ्यों पर निर्भर है।
- आवेदन की कोई समय-सीमा है?
- NALSA महिला पीड़ित योजना में अपराध या मुक़दमा ख़त्म होने से तीन साल, और उचित मामलों में देरी माफ़ हो सकती है। राज्य योजनाओं की अपनी सीमा है, इसलिए जितनी जल्दी हो सके आवेदन करें।
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