This guide is written in Hindi. Read it in English →
मकान-ज़मीन की असली रजिस्ट्री / बैनामा खो गया? भारत में क्या करें — पुलिस में गुमशुदगी रिपोर्ट या FIR, अख़बार में सार्वजनिक सूचना, सब-रजिस्ट्रार से प्रमाणित प्रति (रजिस्ट्रीकरण अधिनियम धारा 57), खोए मूल को साबित करना (BSA धारा 60, पुरानी साक्ष्य अधिनियम धारा 65), बैंक ने काग़ज़ खोए — RBI ₹5,000 प्रतिदिन नियम (2026)
जब असली बैनामा, रजिस्ट्री, दानपत्र, आवंटन पत्र या संपत्ति के दूसरे काग़ज़ खो जाएँ, चोरी हो जाएँ, ख़राब हो जाएँ या बैंक वापस न करे — आसान, चरण-दर-चरण गाइड: पुलिस में नुक़सान कैसे दर्ज कराएँ, सार्वजनिक सूचना कैसे दें, सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से प्रमाणित प्रति कैसे लें, बैंक और ख़रीदार आम तौर पर क्या माँगते हैं, और लोन चुकाने के बाद बैंक ने काग़ज़ खो दिए तो क्या करें। केवल शैक्षिक जानकारी — कानूनी सलाह नहीं। अधिवक्ता आपके लिए प्रति का आवेदन नहीं करता और किसी कार्यालय या बैंक से संपर्क नहीं करता।
No name or phone form. WhatsApp opens with your question already written; just tap send.
पहली बात — घबराएँ नहीं; आपका मालिकाना हक़ ख़त्म नहीं होता
असली बैनामा खोने से संपत्ति नहीं जाती। पंजीकृत दस्तावेज़ सब-रजिस्ट्रार के रिकॉर्ड (बही 1) में दर्ज होता है, और उसकी प्रमाणित प्रति मिल सकती है। असली ख़तरे हैं — बेचने, गिरवी रखने या नाम चढ़ाने में देरी, और मूल काग़ज़ किसी के हाथ लगने पर उनका दुरुपयोग। जल्दी कदम उठाएँ और हर बात लिखित में रखें। पहले अच्छी तरह खोजें — बैंक लॉकर, पुरानी फ़ाइलें, ख़रीद कराने वाले वकील या एजेंट, और अगर कभी लोन लिया था तो बैंक।
चरण 1 — पुलिस में गुमशुदगी रिपोर्ट या FIR
अगर काग़ज़ बस कहीं खो गए, तो जिस इलाक़े में खोए वहाँ के थाने में गुमशुदा सामान की रिपोर्ट दें; कई राज्यों की पुलिस वेबसाइट और ऐप पर ऑनलाइन लॉस्ट रिपोर्ट नंबर के साथ मिलती है। अगर चोरी हुए, या किसी के दुरुपयोग का शक है, तो लिखित शिकायत देकर BNSS धारा 173 (पुरानी CrPC 154) में FIR माँगें — चोरी और जालसाज़ी संज्ञेय अपराध हैं। हर दस्तावेज़ का विवरण दें: विलेख का प्रकार, पंजीकरण संख्या, बही / जिल्द / पृष्ठ, तारीख़, सब-रजिस्ट्रार कार्यालय, संपत्ति का पता और पक्षकार। रिपोर्ट या FIR की प्रति संभालें; बैंक, सोसाइटी और प्राधिकरण आम तौर पर इसे माँगते हैं।
Is your situation a little different? Send your question on WhatsApp.
Write in Hindi or English · general guidance, not legal advice
चरण 2 — अख़बार में सार्वजनिक सूचना
इलाक़े में चलने वाले एक अंग्रेज़ी और एक स्थानीय भाषा के अख़बार में खोने की सूचना छपवाएँ — दस्तावेज़ का विवरण दें और लिखें कि जिसे मिले या जिसका कोई दावा हो वह तय समय में संपर्क करे। कानून में यह हमेशा ज़रूरी नहीं, पर बैंक, हाउसिंग सोसाइटी, विकास प्राधिकरण और ख़रीदार आम तौर पर यह सूचना और एक शपथ पत्र माँगते हैं। पूरा अख़बार का पन्ना रखें, सिर्फ़ कटिंग नहीं।
चरण 3 — सब-रजिस्ट्रार से प्रमाणित प्रति (रजिस्ट्रीकरण अधिनियम धारा 57)
जिस सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में दस्तावेज़ पंजीकृत हुआ था, वहाँ से कोई भी व्यक्ति राज्य की फ़ीस देकर उसकी प्रमाणित प्रति (सर्टिफ़ाइड कॉपी / नक़ल) ले सकता है (रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 धारा 57)। पंजीकरण विवरण के साथ आवेदन करें; कई राज्य अपने पंजीयन या IGRS पोर्टल पर ऑनलाइन खोज और आवेदन की सुविधा देते हैं। पंजीयन अधिकारी के हस्ताक्षर और मुहर वाली प्रमाणित प्रति मूल दस्तावेज़ की विषय-वस्तु साबित करने के लिए मान्य है (धारा 57(5))। अदालत में, जब मूल आपकी ग़लती के बिना खो गया हो, तो भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 धारा 60 (पुरानी साक्ष्य अधिनियम धारा 65) में यह दिखाकर कि मूल खोजा गया और खो गया है, प्रमाणित प्रति जैसा द्वितीयक साक्ष्य दिया जा सकता है।
चरण 4 — पूरी कड़ी और रिकॉर्ड फिर से जोड़ें
पिछले बैनामों की भी प्रमाणित प्रतियाँ लें, संपत्ति का भार-मुक्ति (एनकम्ब्रेंस) प्रमाण पत्र लें, और नामांतरण / खाता / संपत्ति कर रिकॉर्ड अपने नाम पर होने की जाँच करें। बिल्डर, सोसाइटी या विकास प्राधिकरण से आवंटित फ़्लैट के लिए उसी संस्था से डुप्लीकेट आवंटन पत्र या शेयर सर्टिफ़िकेट माँगें — वे आम तौर पर शपथ पत्र, क्षतिपूर्ति बॉन्ड, पुलिस रिपोर्ट और अख़बार की सूचना माँगते हैं। भार-मुक्ति और भूलेख में किसी संदिग्ध प्रविष्टि की नियमित जाँच करें; मिले तो हमारी फ़र्ज़ी रजिस्ट्री रद्द कराने की गाइड देखें।
लोन चुकाने के बाद बैंक ने काग़ज़ खो दिए हों
1 दिसंबर 2023 से लागू RBI निर्देशों में बैंक और NBFC को पूरा लोन चुकाने या सेटलमेंट के 30 दिन में सभी मूल संपत्ति काग़ज़ लौटाने और दर्ज चार्ज हटाने होते हैं। देरी ऋणदाता की वजह से हो तो हर दिन की देरी के लिए ₹5,000 देने होते हैं। मूल काग़ज़ खो जाएँ या ख़राब हो जाएँ, तो ऋणदाता को डुप्लीकेट या प्रमाणित प्रतियाँ दिलाने में मदद करनी है और ख़र्च उठाना है, और उसे 30 दिन और मिलते हैं — फिर मुआवज़ा 60 दिन के बाद से गिना जाता है। पहले बैंक को लिखित शिकायत दें; 30 दिन में जवाब न आए या संतुष्ट न हों तो RBI लोकपाल में शिकायत करें (हमारी RBI लोकपाल गाइड देखें)।
मूल के बिना बेचना या लोन लेना
कई ख़रीदार और बैंक प्रमाणित प्रति, पुलिस रिपोर्ट, अख़बार की सूचना, शपथ पत्र और क्षतिपूर्ति बॉन्ड, और नई टाइटल जाँच के साथ आगे बढ़ जाते हैं। कुछ और जाँच माँग सकते हैं। खोने की बात खुलकर बताएँ — छिपाने से बाद में विवाद हो सकता है। स्कैन की हुई प्रतियाँ और प्रमाणित प्रति सुरक्षित रखें, और आगे से मूल लॉकर में रखें।
अधिवक्ता कैसे मदद कर सकता है
हम प्रमाणित प्रति का आवेदन नहीं करते, सूचना नहीं छपवाते, किसी कार्यालय या बैंक से संपर्क नहीं करते, और किसी परिणाम का वादा नहीं करते। अधिवक्ता एक सुविधा प्लेटफ़ॉर्म है, लॉ फर्म नहीं। हम केस दाखिल नहीं करते, किसी प्राधिकरण के सामने उपस्थित नहीं होते, और किसी परिणाम का वादा नहीं करते। स्वतंत्र अधिवक्ता से सामान्य मार्गदर्शन के लिए ‘अधिवक्ता से पूछें’ पर अपनी स्थिति लिखें, या तथ्यों और काग़ज़ों को व्यवस्थित करने के लिए AI सहायक से शुरू करें। केवल शैक्षिक जानकारी — औपचारिक कानूनी सलाह नहीं।
Have a related question?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- मेरा असली बैनामा खो गया। क्या संपत्ति अब भी मेरी है?
- हाँ। काग़ज़ खोने से मालिकाना हक़ ख़त्म नहीं होता। बैनामा सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में दर्ज है, और रजिस्ट्रीकरण अधिनियम धारा 57 में उसकी प्रमाणित प्रति मिल सकती है।
- क्या खोए संपत्ति काग़ज़ों के लिए FIR ज़रूरी है?
- काग़ज़ बस खो गए हों तो पुलिस की गुमशुदगी रिपोर्ट आम तौर पर काफ़ी है। चोरी हुए हों या दुरुपयोग या जालसाज़ी का शक हो, तो BNSS धारा 173 में FIR माँगें। बैंक और प्राधिकरण आम तौर पर इनमें से एक माँगते हैं।
- क्या प्रमाणित प्रति असली बैनामे जितनी मान्य है?
- प्रमाणित प्रति पंजीकृत विलेख की विषय-वस्तु साबित करने के लिए मान्य है (रजिस्ट्रीकरण अधिनियम धारा 57(5)), और मूल आपकी ग़लती के बिना खो गया हो तो अदालतें इसे द्वितीयक साक्ष्य के रूप में मानती हैं (BSA धारा 60, पुरानी साक्ष्य अधिनियम धारा 65)।
- लोन बंद होने के बाद बैंक ने मेरे संपत्ति काग़ज़ खो दिए। मैं क्या माँग सकता हूँ?
- 1 दिसंबर 2023 से RBI निर्देशों में बैंक को डुप्लीकेट या प्रमाणित प्रतियाँ दिलाने में मदद करनी है और ख़र्च उठाना है। उसे कुल 60 दिन मिलते हैं; उसके बाद हर दिन की देरी के लिए ₹5,000 देने होते हैं। पहले बैंक, फिर RBI लोकपाल में शिकायत करें।
- क्या असली रजिस्ट्री के बिना मकान बेच सकते हैं?
- अक्सर हाँ — प्रमाणित प्रति, पुलिस रिपोर्ट, अख़बार की सूचना, शपथ पत्र और क्षतिपूर्ति बॉन्ड, और नई टाइटल जाँच के साथ; पर हर ख़रीदार और बैंक ख़ुद तय करता है कि वह क्या स्वीकार करेगा।
Share Adhiwakta with someone who needs it
Send this page on WhatsApp — legal information in Hindi & English.