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फ़्लाइट कैंसिल, लेट या बोर्डिंग से मना? भारत में रिफ़ंड और मुआवज़े के नियम — DGCA CAR सेक्शन 3 सीरीज़ M पार्ट IV (देर से सूचना पर कैंसिलेशन में ₹5,000 / ₹7,500 / ₹10,000, बोर्डिंग से इनकार पर ₹20,000 तक, लंबी देरी में भोजन और होटल), 2026 के रिफ़ंड नियम (कार्ड भुगतान पर 7 दिन, एजेंट / पोर्टल बुकिंग पर 14 कार्य दिवस, 48 घंटे का लुक-इन विकल्प), AirSewa और उपभोक्ता आयोग (2026)
भारत में हवाई यात्रियों के लिए सरल गाइड — जब फ़्लाइट कैंसिल हो जाए, बहुत लेट हो, या कन्फ़र्म टिकट होने पर भी बोर्डिंग से मना कर दिया जाए: DGCA के सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स के तहत एयरलाइन को क्या देना होता है (वैकल्पिक फ़्लाइट, पूरा रिफ़ंड, तय मुआवज़ा, भोजन और होटल), कब मुआवज़ा नहीं बनता (मौसम, ATC और अन्य असाधारण परिस्थितियाँ), 26 मार्च 2026 से लागू संशोधित CAR में रिफ़ंड कैसे मिलता है, ट्रैवल पोर्टल पर रिफ़ंड अटक जाए तो क्या करें, और एयरलाइन के नोडल अधिकारी, AirSewa, राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन और उपभोक्ता आयोग तक कैसे जाएँ। केवल शैक्षिक — कानूनी सलाह नहीं। अधिवक्ता किसी एयरलाइन या पोर्टल से संपर्क नहीं करता और किसी की ओर से शिकायत दाखिल नहीं करता।
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DGCA के दो नियम जो काम आते हैं
भारतीय उड़ानों में यात्रियों के अधिकार मुख्यतः नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के दो सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (CAR) से आते हैं, जो एयरक्राफ़्ट रूल्स, 1937 के नियम 133A के तहत जारी हैं: CAR सेक्शन 3, सीरीज़ M, पार्ट IV — ‘बोर्डिंग से इनकार, फ़्लाइट कैंसिलेशन और देरी पर यात्रियों को सुविधाएँ’ (वर्तमान संस्करण 15 फ़रवरी 2023 से लागू) — और CAR सेक्शन 3, सीरीज़ M, पार्ट II — ‘एयरलाइन टिकट का रिफ़ंड’, जिसे 24 फ़रवरी 2026 को संशोधित किया गया और जो 26 मार्च 2026 से लागू है। ये भारतीय शेड्यूल्ड और नॉन-शेड्यूल्ड एयरलाइनों पर लागू हैं; विदेशी एयरलाइनें मुआवज़े के लिए अपने देश के नियम या भारतीय CAR, और रिफ़ंड के लिए अपने देश के नियम मानती हैं। एयरलाइनों को ये अधिकार अपनी वेबसाइट पर यात्री चार्टर के रूप में दिखाने होते हैं।
फ़्लाइट कैंसिल: आपका हक़ सूचना के समय पर निर्भर है
पैरा 3.3.1 के अनुसार एयरलाइन को कैंसिलेशन की सूचना प्रस्थान से कम से कम दो हफ़्ते पहले देनी चाहिए और आपको स्वीकार्य वैकल्पिक फ़्लाइट या रिफ़ंड देना चाहिए। अगर सूचना दो हफ़्ते से कम लेकिन प्रस्थान से कम से कम 24 घंटे पहले मिली, तब भी आप अपनी पसंद से वैकल्पिक फ़्लाइट या रिफ़ंड के हक़दार हैं। अगर समय पर सूचना नहीं दी गई (व्यवहार में 24 घंटे से कम), या कैंसिलेशन के कारण उसी टिकट नंबर पर बुक कनेक्टिंग फ़्लाइट छूट गई, तो पैरा 3.3.2 के तहत एयरलाइन को या तो आपको स्वीकार्य वैकल्पिक फ़्लाइट देनी होगी, या पूरे रिफ़ंड के साथ मुआवज़ा: 1 घंटे तक के ब्लॉक टाइम वाली फ़्लाइट पर ₹5,000, 1–2 घंटे पर ₹7,500, और 2 घंटे से अधिक पर ₹10,000 — या एक-तरफ़ा बेसिक किराया और एयरलाइन फ़्यूल चार्ज, जो भी कम हो। अगर आप एयरपोर्ट पहुँच चुके थे, तो वैकल्पिक फ़्लाइट की प्रतीक्षा में भोजन और जलपान भी मिलना चाहिए।
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कब एयरलाइन को मुआवज़ा नहीं देना पड़ता
पैरा 1.4, 1.5 और 3.3.4 नकद मुआवज़े से छूट देते हैं जब कैंसिलेशन या देरी एयरलाइन के नियंत्रण से बाहर असाधारण परिस्थितियों से हुई हो, जिन्हें सभी उचित उपायों के बाद भी टाला न जा सकता था — जैसे प्राकृतिक आपदा, राजनीतिक अस्थिरता, दंगे, सरकारी आदेश, हड़ताल, एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल के निर्णय, मौसम और सुरक्षा जोखिम। जिन यात्रियों ने बुकिंग के समय सही फ़ोन नंबर या ईमेल नहीं दिया, उन्हें भी मुआवज़ा नहीं (पैरा 3.3.3) — पर रिफ़ंड या वैकल्पिक यात्रा फिर भी मिलती है। एयरलाइन की अपनी क्रू या तकनीकी समस्या असाधारण परिस्थितियों की सूची में नहीं है, पर कोई घटना इसमें आती है या नहीं, यह तथ्य का प्रश्न है; एयरलाइन से कारण लिखित में माँगें। टिकट का रिफ़ंड अलग अधिकार है, जो मुआवज़ा न मिलने पर भी ख़त्म नहीं होता।
लंबी देरी: भोजन, वैकल्पिक फ़्लाइट या रिफ़ंड, होटल
पैरा 3.4 सुविधाओं के बारे में है, तय नकद राशि के बारे में नहीं। अगर आपने समय पर चेक-इन किया और देरी 2 घंटे या अधिक (ब्लॉक टाइम 2½ घंटे तक), 3 घंटे या अधिक (ब्लॉक टाइम 2½–5 घंटे) या 4 घंटे या अधिक (लंबी फ़्लाइट) होने की संभावना है, तो एयरलाइन को मुफ़्त भोजन और जलपान देना होगा। 6 घंटे से अधिक लेट घरेलू फ़्लाइट पर (जहाँ देरी की सूचना मूल प्रस्थान से 24 घंटे से अधिक पहले दी गई), एयरलाइन को 6 घंटे के भीतर वैकल्पिक फ़्लाइट या पूरा रिफ़ंड देना होगा। कुल देरी 24 घंटे से अधिक हो — या रात 8 बजे से सुबह 3 बजे के बीच की फ़्लाइट में 6 घंटे से अधिक — तो आने-जाने सहित मुफ़्त होटल दिया जाना है। आपको देरी की सूचना कब दी गई, यह साबित करने का भार एयरलाइन पर है (पैरा 3.4.5)।
कन्फ़र्म टिकट पर भी बोर्डिंग से इनकार (ओवरबुकिंग)
अगर सीटों से अधिक कन्फ़र्म यात्री समय पर पहुँचें, तो एयरलाइन को पहले स्वेच्छा से सीट छोड़ने वाले माँगने होते हैं। अगर आपकी इच्छा के विरुद्ध बोर्डिंग से मना किया गया (पैरा 3.2.2), तो वैकल्पिक फ़्लाइट 1 घंटे के भीतर जाए तो मुआवज़ा नहीं; वरना 24 घंटे के भीतर वैकल्पिक फ़्लाइट पर एक-तरफ़ा बेसिक किराया और फ़्यूल चार्ज का 200% (अधिकतम ₹10,000), और उसके बाद हो तो 400% (अधिकतम ₹20,000)। अगर आप वैकल्पिक फ़्लाइट नहीं चाहते, तो पूरा रिफ़ंड और 400% (अधिकतम ₹20,000)। स्वास्थ्य, सुरक्षा या दस्तावेज़ों के वास्तविक कारण से मना करना CAR में ‘बोर्डिंग से इनकार’ नहीं है। अगर आपको बिना मर्ज़ी निचली क्लास में भेजा गया, तो घरेलू सेक्टर पर टैक्स सहित टिकट लागत का 75% लौटाना होगा (अंतरराष्ट्रीय सेक्टर पर दूरी के अनुसार 30% से 75%)।
मुआवज़ा नकद में — वाउचर सिर्फ़ आपकी सहमति से
पैरा 3.7.1 के अनुसार बोर्डिंग से इनकार और कैंसिलेशन का मुआवज़ा नकद या बैंक ट्रांसफ़र से दिया जाना है, और ट्रैवल वाउचर केवल आपकी हस्ताक्षरित सहमति से। इसी तरह रिफ़ंड CAR के तहत पैसा ‘क्रेडिट शेल’ में रखना आपकी पसंद है, एयरलाइन का डिफ़ॉल्ट नहीं (पार्ट II का पैरा 3(f))। काउंटर पर जो भी साइन करवाया जाए, पढ़कर ही साइन करें, और पैसा चाहिए तो वाउचर स्वीकार न करें।
26 मार्च 2026 से लागू रिफ़ंड नियम
संशोधित रिफ़ंड CAR के तहत: क्रेडिट कार्ड भुगतान पर रिफ़ंड कैंसिलेशन के 7 दिन के भीतर कार्ड में आना चाहिए; नकद ख़रीद पर टिकट बेचने वाले कार्यालय से तुरंत; ट्रैवल एजेंट या ऑनलाइन पोर्टल से ख़रीदे टिकट पर ज़िम्मेदारी एयरलाइन की रहती है क्योंकि एजेंट उसके प्रतिनिधि हैं, और रिफ़ंड 14 कार्य दिवसों में पूरा होना चाहिए (पहले 30)। कैंसिलेशन या नो-शो पर वैधानिक टैक्स और एयरपोर्ट शुल्क (UDF, ADF, PSF) लौटाने होंगे, प्रोमो और नॉन-रिफ़ंडेबल किराये पर भी। कैंसिलेशन शुल्क बेसिक किराया और फ़्यूल सरचार्ज से अधिक नहीं हो सकता, बुकिंग के समय दिखाना होगा, और रिफ़ंड प्रोसेसिंग के लिए अलग शुल्क नहीं लिया जा सकता। एयरलाइन की वेबसाइट या ऐप से सीधे बुक टिकट पर 48 घंटे का ‘लुक-इन’ विकल्प है — बिना अतिरिक्त शुल्क (किराये के अंतर को छोड़कर) कैंसिल या बदलाव, अगर प्रस्थान घरेलू में कम से कम 7 दिन और अंतरराष्ट्रीय में 15 दिन दूर हो — और बुकिंग के 24 घंटे के भीतर बताने पर उसी व्यक्ति के नाम का सुधार मुफ़्त।
क्रमवार: पैसा वापस कैसे पाएँ
(1) कैंसिलेशन या देरी के SMS / ईमेल का स्क्रीनशॉट लें, बोर्डिंग पास, PNR और भुगतान का सबूत रखें, और काउंटर पर किसने क्या कहा, नोट करें। (2) एयरलाइन से लिखित में विशिष्ट हक़ माँगें — रिफ़ंड, पैरा 3.3.2 या 3.2.2 के तहत मुआवज़ा, या प्रतिपूर्ति — CAR का हवाला देकर। (3) जवाब न मिले या मना हो, तो एयरलाइन के नोडल अधिकारी और फिर अपीलीय प्राधिकारी को लिखें; हर एयरलाइन को ये संपर्क प्रकाशित करने होते हैं (पैरा 3.10.4) और शिकायत संदर्भ संख्या देनी होती है। (4) AirSewa पोर्टल या ऐप पर शिकायत दर्ज करें (पैरा 3.9.2)। (5) ऑनलाइन ट्रैवल पोर्टल पर अटके रिफ़ंड के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (1915 या consumerhelpline.gov.in) पर भी शिकायत करें। (6) फिर भी हल न हो, तो सेवा में कमी के लिए ज़िला उपभोक्ता आयोग जा सकते हैं, आम तौर पर e-Jagriti पर ऑनलाइन (उपभोक्ता शिकायत गाइड देखें)।
उपभोक्ता आयोग: क्या कर सकता है, क्या नहीं
CAR स्पष्ट रूप से किसी भी वैधानिक निकाय या अदालत में जाने की छूट देता है (पैरा 3.9.3)। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत ज़िला आयोग रिफ़ंड, नुकसान और परेशानी का मुआवज़ा और ख़र्च दिलाने का आदेश दे सकता है। अगस्त 2024 में राष्ट्रीय आयोग ने जेट एयरवेज़ के बंद होने के बाद एक ऑनलाइन ट्रैवल पोर्टल को यात्रियों का रिफ़ंड लौटाने के लिए ज़िम्मेदार माना और ‘केवल सुविधा देने वाला’ होने का बचाव ख़ारिज किया। नतीजा तथ्यों और सबूतों पर निर्भर करता है, इसलिए भोजन, होटल या मजबूरी में ख़रीदे दूसरे टिकट की रसीदें रखें। शिकायत आम तौर पर कारण उत्पन्न होने के दो साल के भीतर दाखिल करनी होती है (अधिनियम की धारा 69)।
अंतरराष्ट्रीय फ़्लाइट और सामान
भारतीय एयरलाइनों की भारत आने-जाने वाली फ़्लाइटों पर यही CAR लागू हैं। विदेशी एयरलाइनें अपने देश के नियमों के तहत मुआवज़ा दे सकती हैं (पैरा 3.6.1) और अपने देश के नियमों से, भारतीय CAR के तरीक़ों से रिफ़ंड देती हैं। अंतरराष्ट्रीय यात्रा में खोया, देर से मिला या क्षतिग्रस्त सामान कैरिज बाय एयर एक्ट, 1972 के माध्यम से लागू मॉन्ट्रियल कन्वेंशन से चलता है: एयरपोर्ट छोड़ने से पहले रिपोर्ट करें (प्रॉपर्टी इर्रेगुलैरिटी रिपोर्ट) और जल्दी लिखित शिकायत दें — कन्वेंशन के अनुच्छेद 31 के तहत क्षतिग्रस्त सामान मिलने के 7 दिन और देरी से मिले सामान के लिए 21 दिन के भीतर।
यह गाइड क्या नहीं है
यह तय नहीं करती कि कोई विशेष व्यवधान ‘असाधारण’ था या नहीं, आयोग क्या देगा, या कोई विशेष एयरलाइन या पोर्टल दोषी है या नहीं। DGCA CAR संशोधित कर सकता है; यहाँ दी किसी संख्या पर भरोसा करने से पहले dgca.gov.in पर वर्तमान CAR और एयरलाइन का यात्री चार्टर देखें।
अधिवक्ता कैसे मदद कर सकता है
हम एयरलाइनों, ट्रैवल पोर्टलों, AirSewa या उपभोक्ता आयोगों से संपर्क नहीं करते और शिकायत दाखिल नहीं करते। अधिवक्ता एक सुविधा प्लेटफ़ॉर्म है, लॉ फर्म नहीं। हम केस दाखिल नहीं करते, किसी प्राधिकरण के सामने उपस्थित नहीं होते, और किसी परिणाम का वादा नहीं करते। स्वतंत्र अधिवक्ता से सामान्य मार्गदर्शन के लिए ‘अधिवक्ता से पूछें’ का उपयोग करें, या तथ्यों और कागज़ात व्यवस्थित करने के लिए AI सहायक से शुरू करें। केवल शैक्षिक — औपचारिक कानूनी सलाह नहीं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आख़िरी समय पर फ़्लाइट कैंसिल हो तो कितना मुआवज़ा मिलता है?
- अगर प्रस्थान से कम से कम 24 घंटे पहले सूचना नहीं दी गई (और स्वीकार्य वैकल्पिक फ़्लाइट नहीं दी गई), तो DGCA CAR पैरा 3.3.2 के तहत पूरा रिफ़ंड और ब्लॉक टाइम (1 घंटे तक, 1–2 घंटे, 2 घंटे से अधिक) के अनुसार ₹5,000, ₹7,500 या ₹10,000 — या एक-तरफ़ा बेसिक किराया और फ़्यूल चार्ज, जो कम हो। मौसम या ATC जैसी असाधारण परिस्थितियों में मुआवज़ा नहीं बनता।
- क्या फ़्लाइट लेट होने पर मुआवज़ा मिलता है?
- देरी पर CAR तय नकद नहीं, सुविधाएँ देता है: फ़्लाइट की लंबाई के अनुसार 2–4 घंटे बाद भोजन, 6 घंटे से अधिक की घरेलू देरी पर (24 घंटे से पहले सूचित) 6 घंटे में वैकल्पिक फ़्लाइट या पूरा रिफ़ंड, और 24 घंटे से अधिक — या रात 8 से सुबह 3 बजे की फ़्लाइट में 6 घंटे से अधिक — देरी पर होटल।
- एयरलाइन को टिकट का रिफ़ंड कितने दिन में देना होता है?
- 26 मार्च 2026 से लागू रिफ़ंड CAR के तहत: क्रेडिट कार्ड भुगतान पर 7 दिन में, नकद पर तुरंत, और ट्रैवल एजेंट या पोर्टल से ख़रीदे टिकट पर 14 कार्य दिवस में — एजेंट बुकिंग की ज़िम्मेदारी भी एयरलाइन की है।
- क्या एयरलाइन ज़बरदस्ती क्रेडिट शेल या वाउचर दे सकती है?
- नहीं। रिफ़ंड को क्रेडिट शेल में रखना यात्री की पसंद है, एयरलाइन का डिफ़ॉल्ट नहीं, और कैंसिलेशन या बोर्डिंग से इनकार का मुआवज़ा नकद या बैंक ट्रांसफ़र से देना होता है — वाउचर केवल आपकी हस्ताक्षरित सहमति से।
- ओवरबुकिंग से बोर्डिंग न मिले तो कितना मुआवज़ा है?
- वैकल्पिक फ़्लाइट 1 घंटे में जाए तो कुछ नहीं; वरना 24 घंटे के भीतर वैकल्पिक पर एक-तरफ़ा बेसिक किराया और फ़्यूल चार्ज का 200% (अधिकतम ₹10,000), 24 घंटे के बाद 400% (अधिकतम ₹20,000), या वैकल्पिक न लेने पर पूरा रिफ़ंड और 400% (अधिकतम ₹20,000)।
- नॉन-रिफ़ंडेबल टिकट पर क्या टैक्स वापस मिलते हैं?
- हाँ। कैंसिलेशन, इस्तेमाल न होने या नो-शो पर वैधानिक टैक्स और UDF, ADF, PSF जैसे एयरपोर्ट शुल्क लौटाने होंगे, प्रोमो और नॉन-रिफ़ंडेबल किराये पर भी, और रिफ़ंड प्रोसेसिंग का अलग शुल्क नहीं लिया जा सकता।
- एयरलाइन जवाब न दे तो शिकायत कहाँ करें?
- एयरलाइन के नोडल अधिकारी और अपीलीय प्राधिकारी को लिखें, फिर AirSewa पर शिकायत करें। पोर्टल रिफ़ंड के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (1915) भी इस्तेमाल करें। हल न हो, तो सेवा में कमी के लिए उपभोक्ता शिकायत की जा सकती है, आम तौर पर दो साल के भीतर।
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